Samveda (Bhavarth of selected Richas in English & Hindi)
सामवेद (हिन्दी व अंग्रेजी में सरलीकृत चयनित ऋचायें)

Samveda (Bhavarth of selected Richas in English & Hindi)
सामवेद (हिन्दी व अंग्रेजी में सरलीकृत चयनित ऋचायें)

325.00

50 in stock

Translator(s) — Gyanandra Awana
अनुवादक  — ज्ञानेन्द्र अवाना

| ANUUGYA BOOKS | HINDI | 2022 |

| Will also be available in HARD BOUND |

Choose Paper Back or Hard Bound from the Binding type to place order
अपनी पसंद पेपर बैक या हार्ड बाउंड चुनने के लिये नीचे दिये Binding type से चुने

Description

पुस्तक के बारे में

यं रक्षन्ति प्रचेतसो वरुणो मित्रो अर्यमा।
न किः स दभ्यते जनः॥

(सामवेद-१८५)

कोई भी उसे हानि नहीं पहुंचा सकता जिसने अपने आंतरिक शत्रुओं (काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि) पर विजय पा ली है। जो सबका मित्र है। किसी के प्रति द्वेष नहीं रखता। जो न्यायकारी है, और जो दूसरों के कल्याण के लिए कार्य करता है। ऐसा व्यक्ति प्रचेतस (प्रकृष्ट ज्ञानी) है।

No one can hurt a person who wins over his internal enemies (Kaam, Krodh, Lobh, Moh etc.), Who is friend of all, no ill will for others, who is a man of justice and who works for the welfare of others. Such person is Prachetas (real man of knowledge). (Samaveda-185)

…इसी पुस्तक से…

प्रो ष्वस्मै पुरोरथमिन्द्राय शूषमर्चत।
अभीके चिदु लोककृत् सगें समत्सु वृत्रहा।
अस्माकं बोधि चोदिता नभन्तामन्यकेषां
ज्याका अधि धन्वसु॥

(सामवेद-१८०१)

हे मनुष्यों! आपको परमात्मा की स्तुति करनी चाहिऐ। उसने आपको शरीर रूपी रथ दिया है। इसे शुद्ध करें और इसे परमात्मा के समीप ले जाएं। परमात्मा आपके आंतरिक के साथ-साथ बाहरी शत्रुओं का भी विनाश करता है। परमात्मा आपकी प्रेरणा है। वह आपको ज्ञान और ऊर्जा प्रदान करने वाला है। वह ही एकमात्र प्रार्थना के योग्य है।

O Men! you have to praise that God who has given you a body (Chariot). Purify this Chariot and move close to the God. God is slayer of your internal as well as external enemies. God is your inspiration. He enlightens you. He is provider of knowledge and energy to you. He is the only one to be prayed. (Samaveda-1801)

…इसी पुस्तक से…

Additional information

Weight 400 g
Dimensions 9 × 6 × 0.5 in
Binding Type

,

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Samveda (Bhavarth of selected Richas in English & Hindi)
सामवेद (हिन्दी व अंग्रेजी में सरलीकृत चयनित ऋचायें)”

Your email address will not be published.

This website uses cookies. Ok