Rangila Hariyana (Hariyanvi Ragani Sangrah)
रंगीला हरियाणा (हरियाणवी रागणी संग्रह)

Rangila Hariyana (Hariyanvi Ragani Sangrah)
रंगीला हरियाणा (हरियाणवी रागणी संग्रह)

175.00275.00

Author(s) — Raj Bir Verma
लेखक — राजबीर वर्मा

| ANUUGYA BOOKS | HINDI | 120 Pages | 2021 | 6 x 9 inches |

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Description

पुस्तक के बारे में

जरूरत

टेक – सुण मेरी प्यारी मम्मी री!
घर मैं शौचालय बणंवा दे।।
कली – कौनी काम चलै इसके बिन,
मुश्किल काटे दिन इसके बिन
इसकी जरूरत भारी री
घर मैं शौचालय बणंवा दे।।
कली – बाहर शौच नै करणें जाणा
कितना खतरा पड़ रया ठाणा
समझ ले या मजबूरी री
घर मैं शौचालय बणवा दे।।
कली – बाहर शौच तै होवै बिमारी
इलाज करा कै दुनिया हारी
पापा नै समझा दे री
घर मैं शौचालय बणंवा दे।।
कली – राजबीर की बात मान ले
आपणां टोटा नफा जाण ले
समय के गेलो चालो री।।
घर मैं शौचालय बणवां दे।।

… इसी पुस्तक से…

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