Bal Kand (Bal Laghukathain) <br> बालकांड (बाल लघुकथाएँ)
Bal Kand (Bal Laghukathain)
बालकांड (बाल लघुकथाएँ)
₹30.00

Bal Kand (Bal Laghukathain)
बालकांड (बाल लघुकथाएँ)

30.00

10 in stock

Author(s) – Ashok Bhatia
लेखक — अशोक भाटिया

| ANUUGYA BOOKS | HINDI | 32 Pages | PIN BACK | 2019 |
| 5.5 x 8.5 Inches | 100 grams | ISBN : 978-93-86835-80-2 |

 

10 in stock

Description

अशोक भाटिया

जन्म : 05.01.1955 अम्बाला छावनी (पूर्व पंजाब)। रिटायर्ड एसोसिएट प्रोफेसर। कविता, आलोचना, लघुकथा, बाल साहित्य, व्यंग्य आदि की 33 पुस्तकें प्रकाशित। लघुकथा रचना और आलोचना के प्रमुख हस्ताक्षर। लघुकथाओं के तीन संग्रह—‘जंगल में आदमी’, ‘अंधेरे में आँख’ (तमिल और मराठी में भी) और ‘क्या क्यूँ कैसे@लघुकथा’ तथा तीन आलोचना-पुस्तकें—‘समकालीन हिंदी लघुकथा’ (हरियाणा ग्रन्थ अकादमी से प्रकाशित), ‘परिंदे पूछते हैं’ और ‘लघुकथा : आकार और प्रकार’। लघुकथा पर 11 संपादित पुस्तकों में ‘श्रेष्ठ पंजाबी लघुकथाएं (1990, अनेक संस्करण), ‘पैंसठ हिंदी लघुकथाएं (2001, दो संस्करण), ‘निर्वाचित लघुकथाएं’ (2005, चार संस्करण, हिंदी लघुकथा की सम्पूर्ण यात्रा), ‘नींव के नायक’ (29 लेखकों
की 1970 तक की प्रतिनिधि लघुकथाएं, सन 2010) तथा ‘देश-विदेश से
कथाएं’ (2017, दो संस्करण, 19 भाषाओँ के 83 प्रमुख लेखकों की 122 प्रतिनिधि लघुकथाएं) आदि विशेष चर्चित| दिल्ली दूरदर्शन द्वारा लघुकथा पर पहली परिचर्चा (28.04.1988) और साहित्य अकादमी नयी दिल्ली
द्वारा आयोजित पहले लघुकथा-पाठ (15.03.2016) में भागीदारी। यू.जी.सी. से लघुकथा पर माइनर प्रोजेक्ट (2011)। पत्र-पत्रिकाओं, आयोजनों आदि
में निरंतर अनेकविध सामाजिक-साहित्यिक सक्रियता। दो विदेश यात्राएँ। हरियाणा साहित्य अकादमी सहित अमृतसर, जालंधर, दिल्ली, कोलकाता, पटना, शिलॉंग, हैदराबाद, रायपुर आदि की संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संपर्क : बसेरा, 1882, सेक्टर 13, करनाल-132001 हरियाणा। मो.9416152100 फोन-0184-2201202 l ashokbhatiahes@gmail.com

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