09 सितम्बर 1828 को रूस के एक जागीरदार परिवार में जन्मे विश्व-प्रसिद्ध रूसी लेखक लेफ़ तलस्तोय के माता-पिता का देहान्त उनके बचपन में ही हो गया था। इसके बाद उनकी मौसियों और नाना-नानी ने उनका पालन-पोषण किया। 1844 में उन्होंने कज़ान विश्वविद्यालय के पूर्वी भाषा विभाग में दाख़िला लिया, लेकिन अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर वे रूसी सेना में भरती हो गए। कुछ वर्षों तक उन्होंने रूस के कोहकाफ़ के इलाके में पर्वतीय कबीलों के ख़िलाफ़ चलाई जा रही सैन्य कार्रवाइयों में हिस्सा लिया। सेना में काम के दौरान ही उन्होंने कहानियाँ लिखनी शुरू कर दीं।
‘युद्ध और शान्ति’ लेफ़ तलस्तोय का विश्व-प्रसिद्ध उपन्यास है, जो चार खण्डों में है। रूसी भाषा में इस उपन्यास का नाम है – वईना ई मीर यानी युद्ध और दुनिया। रूसी भाषा में ‘मीर’ शब्द के दो अर्थ होते हैं – पहला अर्थ ‘दुनिया’ और दूसरा ‘शान्ति’। तलस्तोय ने अपनी इस महाकथा का नाम रखा था – युद्ध और दुनिया। लेकिन जब इस उपन्यास का अँग्रेज़ी में अनुवाद हुआ तो अनुवादक ने इस उपन्यास का नाम बदलकर उसका नाम ‘युद्ध और शान्ति’ कर दिया। अनुवादक ने उनके नाम लेफ़ (सिंह या शेर) का भी अँग्रेज़ी में ‘लियो’ अनुवाद कर दिया, इस तरह अँग्रेज़ी में उनका नाम लियो टॉलस्टॉय प्रकाशित हुआ और उनकी यही नाम पूरी दुनिया में चर्चित हो गया।
लेफ़ तलस्तोय की अन्य विश्व-प्रसिद्ध कृतियाँ हैं – आन्ना करेनिना, पुनरुत्थान, कज़्ज़ाक, दो हुस्सार, क्रूज़र सोनाटा, नाच के बाद और इवान इल्यीच की मृत्यु। लेफ़ तलस्तोय का देहान्त 20 नवम्बर 1910 को हुआ।